भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र ने पिछले एक दशक में आयात प्रतिस्थापन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। FY24 में स्मार्टफोन निर्माण 4.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
Syrma SGS और Dixon Technologies जैसे घरेलू खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के साथ साझेदारी कर अपने उत्पादन और तकनीकी क्षमता को मजबूत किया है।
PLI योजना ने घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित किया है, लेकिन IT हार्डवेयर PLI योजना को और समर्थन की आवश्यकता है।
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत $10 बिलियन का निवेश सेमीकंडक्टर निर्माण और चिप पैकेजिंग के लिए किया जा रहा है।
बजट 2025 से ‘मेक इन इंडिया’ को नई दिशा मिल सकती है, जो भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में वैश्विक शक्ति बनने की ओर अग्रसर करेगा।