एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज (LTTS) भारत की प्रमुख इंजीनियरिंग रिसर्च और डेवलपमेंट कंपनी है। यह तीन प्रमुख क्षेत्रों में काम करती है - मोबिलिटी, सस्टेनेबिलिटी और टेक्नोलॉजी। कंपनी का 51.5% राजस्व उत्तर अमेरिका से आता है।
LTTS ने जनवरी 2025 में Intelliswift का अधिग्रहण किया, जिससे कंपनी को हाइपरस्केलर और नए बाजारों में विस्तार करने का अवसर मिला। यह अधिग्रहण खुदरा, फिनटेक और हेल्थकेयर सेवाओं में विकास की संभावनाएं बढ़ाएगा।
Q3 FY25 में LTTS ने कई बड़े सौदे किए, जिनमें $50 मिलियन, $35 मिलियन और $25 मिलियन के अनुबंध शामिल हैं। हालांकि, ऑटोमोबाइल उद्योग की मंदी के कारण मोबिलिटी सेगमेंट में कुछ गिरावट देखी गई।
FY25 में 10% राजस्व वृद्धि की उम्मीद है। सस्टेनेबिलिटी और टेक सेगमेंट में वृद्धि से कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बढ़ेगी।
सॉफ्टवेयर डिफाइंड व्हीकल (SDV) और हाइब्रिडाइजेशन में डील्स बढ़ रही हैं। ऑटो सेक्टर में मंदी के बावजूद, रेल और एयरोस्पेस सेगमेंट में सकारात्मक संकेत हैं।
ऑयल एंड गैस और FMCG में मजबूत मांग बनी हुई है। औद्योगिक क्षेत्र में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की ओर रुझान बढ़ रहा है।
नेटवर्क परफॉर्मेंस मैनेजमेंट और AI-ड्रिवन ऑटोमेशन की उच्च मांग है। मेडटेक और सेमीकंडक्टर सेगमेंट में नई डील्स हो रही हैं।
वर्तमान में LTTS का स्टॉक 26.7x P/E (FY27 अनुमानित कमाई) पर ट्रेड कर रहा है। ऑटो सेक्टर की सुस्ती के बावजूद, कंपनी की ग्रोथ संभावनाएं मजबूत हैं। निवेशकों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से स्टॉक धीरे-धीरे खरीदने की सलाह दी जाती है।