पिछले एक साल से भारतीय स्टील निर्माता चीनी स्टील के बढ़ते आयात के कारण कीमतों के भारी दबाव में थे। हाल ही में, सरकार ने घरेलू उद्योग को समर्थन देने के लिए 12% सुरक्षा शुल्क लगाने की सिफारिश की है, जिससे भारतीय कंपनियों को राहत मिल सकती है।
चीन ने आर्थिक गिरावट से निपटने के लिए विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएँ लागू की हैं। इन प्रयासों के सकारात्मक संकेत चीन के खुदरा बिक्री और औद्योगिक उत्पादन डेटा में देखे गए हैं।
जर्मनी और यूरोपीय सरकारों द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की योजना बनाई गई है, जिससे यूरोप में स्टील की मांग और कीमतों में सुधार हो सकता है।
भारत सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भारी निवेश कर रही है, जिससे स्टील की मांग अगले कुछ वर्षों में और बढ़ सकती है।
स्टील सेक्टर में चीन, यूरोप और भारत से आ रहे सकारात्मक संकेतों को देखते हुए, यह निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर हो सकता है। निवेशकों को टाटा स्टील और JSW स्टील जैसी कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए।