Inox India: क्रायोजेनिक उपकरणों में अग्रणी, FY26 में ग्रोथ संभावित
Inox India: क्रायोजेनिक उपकरणों में अग्रणी, FY26 में ग्रोथ संभावित
मुख्य विशेषताएँ
- 30+ वर्षों का क्रायोजेनिक उपकरणों में अनुभव
- FY26 में 18-20% वार्षिक वृद्धि का अनुमान
- नए विनिर्माण संयंत्रों से राजस्व वृद्धि
- ऑर्डर बुक ₹1,341 करोड़, Q3FY25 में ₹493 करोड़ के नए ऑर्डर
- स्टॉक FY27 अनुमानित आय के 25x पर ट्रेड कर रहा है
Q3FY25 प्रदर्शन और विश्लेषण
Inox India ने Q3FY25 में 14.8% वार्षिक राजस्व वृद्धि दर्ज की, जो मजबूत ऑर्डर निष्पादन और नए विनिर्माण संयंत्र की उपलब्धता से प्रेरित थी।
हालांकि, EBITDA वृद्धि केवल 3% रही और EBITDA मार्जिन 20.7% पर रहा, मुख्य रूप से बढ़ती परिचालन लागत के कारण।
LNG और इंडस्ट्रियल गैस व्यवसाय
- इंडस्ट्रियल गैस में UK की हाईव्यू पावर के साथ प्रमुख अनुबंध
- LNG टैंक निर्माण में पहली भारतीय कंपनी को IATF 16949 प्रमाणन
- Adani Total Gas के साथ रणनीतिक साझेदारी
- बहामास में मिनी LNG टर्मिनल के लिए सबसे बड़ा ऑर्डर प्राप्त
क्रायो-वैज्ञानिक सेगमेंट में विस्तार
Inox India का क्रायो-वैज्ञानिक व्यवसाय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार कर रहा है। कंपनी को ITER France और Wroclaw University, Poland से दोहराए गए अनुबंध प्राप्त हुए हैं।
इसके अलावा, कंपनी हाईड्रोजन लिक्विफिकेशन और रक्षा व अंतरिक्ष क्षेत्र में नए ऑर्डर सुरक्षित कर रही है।
FY26 और FY27 के लिए रणनीतिक योजनाएँ
कंपनी ने FY26 में ₹80-100 करोड़ के नए पूंजीगत व्यय (Capex) की योजना बनाई है। इसके तहत:
- गुजरात के सावली संयंत्र से अगले साल ₹200 करोड़ की संभावित आय
- नए बेवरेज केग उत्पादन संयंत्र से ₹30-35 करोड़ का योगदान
- स्पेस और डिफेंस क्षेत्रों में विस्तार के लिए नए अनुबंध
निष्कर्ष
Inox India ने हाल ही में अपने उच्चतम स्तर से करेक्शन देखा है और अब FY27 के अनुमानित आय पर 25x के पी/ई अनुपात पर ट्रेड कर रहा है।
मजबूत ऑर्डर बुक, उच्च ग्रोथ इंडस्ट्री में उपस्थिति और सतत विकास योजनाओं के कारण, यह स्टॉक दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बना हुआ है।