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डेल्हीवरी ने ईकॉम एक्सप्रेस खरीदी, सेक्टर में बदलाव

लॉजिस्टिक्स में हलचल की बयार

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डेल्हीवरी का ईकॉम अधिग्रहण: लॉजिस्टिक्स में नई हलचल

डेल्हीवरी का ईकॉम अधिग्रहण: लॉजिस्टिक्स में नई हलचल

मुख्य बिंदु

  • ₹1407 करोड़ में ईकॉम एक्सप्रेस का अधिग्रहण
  • डील वैल्यू पिक पर ₹7000 करोड़ से 70% कम
  • मीशो से क्लाइंट लॉस बना बड़ा कारण
  • लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री में दूसरा बड़ा डिस्ट्रेस सेल
  • डेल्हीवरी के पास ₹5000 करोड़ से अधिक नकदी

डील का महत्व

डेल्हीवरी ने ईकॉम एक्सप्रेस का अधिग्रहण ₹1407 करोड़ में किया है, जो पिछले वैल्यूएशन ₹7000 करोड़ से बहुत कम है। मीशो जैसे क्लाइंट का लॉस इस डील की बड़ी वजह बनी।

कंसॉलिडेशन की लहर

पिछले कुछ सालों में ZLS, Vahak, Porter जैसे प्लेयर्स निवेशकों पर निर्भर रहे हैं और अब यूनिट इकोनॉमिक्स और कैश बर्न के कारण सेक्टर कंसॉलिडेशन बढ़ रहा है।

डेल्हीवरी की रणनीति

2021 में Spoton के अधिग्रहण के बाद अब ईकॉम एक्सप्रेस डील से डेल्हीवरी की एक्सप्रेस पार्सल मार्केट हिस्सेदारी ~22% से और बढ़ेगी।

फंडिंग और भविष्य की दिशा

डेल्हीवरी के पास दिसंबर 2024 तक ₹5000 करोड़ से अधिक नकद है, जिससे यह अधिग्रहण ऑल-कैश डील बनती है। शॉर्ट-टर्म चुनौतियों के बावजूद, लॉन्ग-टर्म दृष्टिकोण मजबूत है।

निष्कर्ष

ईकॉम एक्सप्रेस डील लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बदलाव और कंसॉलिडेशन का संकेत देती है। डेल्हीवरी की मजबूत बैलेंस शीट इसे अन्य प्रतिस्पर्धियों से आगे रखती है।

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